उत्तर प्रदेश ATS को एक बड़ी कामयाबी मिली है. ISIS के लिए काम करने वाले हारिस अली ने ATS को 10 सहयोगियों के नाम बताए हैं. इन्हें देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए IS से फंडिंग की जा रही थी. जानकारी मिलने के बाद ATS संदिग्धों को गिराफ्तार करने के लिए जुट गई है. हारिस ने सीधे संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी ATS को दी है, जिसके सहारा आतंक के बड़े सर्कल का पता लग सकता है.

एटीएस को हारिस के लैपटाप से भी कई अहम जानकारियां मिली है, जिसमें आतंकी साजिशों से जुड़े मेल शामिल हैं. मेल के जरिए हारिस के IS के एजेंटों को भेजी गई अहम जानकारियां मिली है. इनमें कुछ प्रमुख स्थलों की फोटो भी अटैच की गई हैं, जिन्हें उसने IS को भेजा था.

4 राज्यों से 50-50 युवाओं का ग्रुप बनाने का था लक्ष्य

जानकारी के मुताबिक ISIS ने हारिस अली उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और पंजाब में 50-50 युवाओं का ग्रुप बनाने का लक्ष्य दिया था. वह इंटरनेट मीडिया पर उन लोगों के साथ संपर्क करता था जो ISIS की विचारधारा को पसंद करते थे. ATS ने पूछताछ के लिए हारिस को 5 दिन के रिमांड पर लिया था, जिसके बाद उसे हारिस के बाद से कई अहम जानकारी मिली है. शनिवार को ये रिमांड की अवधि समाप्त होने पर उसे अदालत में पेश किया जाएगी.

10 संदिग्धों में 4 उत्तर प्रदेश के

आतंकी संगठन ISIS के लिए काम करने वाले आरोपी हारिस अली ने पूछताछ में अपने 10 सहयोगियों के नाम बताए हैं. इनमें चार युवक उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं, जबकि छह अन्य अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं. जानकारी के मुताबिक, इन सभी को देश में आतंकी गतिविधियों के लिए ISIS की ओर से फंडिंग की जाती थी. पुलिस अब इन सभी 10 संदिग्धों को पकड़ने की कोशिश कर रही है.

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