इंदौर। केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन पर एमडीआर (tax on digital payment) यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की घोषणा के बाद से ही देशभर के व्यापारी वर्ग में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। एक तरफ जहाँ छोटे और बड़े व्यापारी इस नई व्यवस्था और अतिरिक्त वित्तीय बोझ से चिंतित हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।
इंदौर में एमडीआर के खिलाफ सड़कों और सोशल मीडिया पर उतरे व्यापारियों का कहना है कि यदि यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू किया जाता है, तो इससे डिजिटल भुगतान करने वाले आम ग्राहकों और विक्रेताओं दोनों पर अतिरिक्त लागत का बुरा असर पड़ेगा।
tax on digital payment – इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने जानकारी दी कि आंदोलन के अगले चरण में सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं तक पहुँचाने की पूरी तैयारी की गई है। संगठन की ओर से आगामी चार दिनों में करीब 10 लाख उपभोक्ताओं को इस विरोध अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि व्यापारियों की जायज मांगों और आपत्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रखरता से रखा जा सके।
एक तरफ डिजिटल इंडिया का ढिंढोरा, दूसरी तरफ टैक्स की मार
कांग्रेस विधायक ने आगे कहा कि सरकार एक तरफ तो आम आदमी और दुकानदारों से नकदी छोड़कर ऑनलाइन पेमेंट अपनाने की अपील करती है और कैशलेस इकोनॉमी का ढिंढोरा पीटती है। लेकिन दूसरी तरफ जब लोग डिजिटल पेमेंट की आदत डाल चुके हैं, तब उन पर अतिरिक्त शुल्क और टैक्स थोपकर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। यह बेहद निंदनीय है और आने वाले चुनावों में देश की जनता इस मनमाने फैसले का जवाब वोट के जरिए जरूर देगी।

