सिजेरियन डिलीवरी का ऑप्शन डॉक्टर तब चुनते हैं जब नॉर्मल डिलीवरी में जोखिम होता है. सी-सेक्शन में पेट पर सिर्फ ऊपरी त्वचा पर ही नहीं, बल्कि अंदर कई लेयर पर चीरा लगाया जाता है, जिससे ठीक होने का प्रोसेस थोड़ा लंबा होता है. रेडिक्स हॉस्पिटल दिल्ली की सीनियर ऑब्सट्रीटीशियन और गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर (Cesarean Delivery Care Tips) रेनू मालिक के मुताबिक, बाहरी टांकों को ठीक होने में 10 से 14 दिन, अंदरूनी टिशू को 6 से 8 हफ्ते और नसों को ठीक होने में 3 से 6 महीने या उससे अधिक समय लग सकता है.
लंबे समय तक बेड रेस्ट, कम पानी पीना और डाइट में लापरवाही
डॉक्टर रेनू का कहना है कि C-सेक्शन एक बड़ी सर्जरी है (Cesarean Delivery Care Tips) और निशान बाहर से ठीक दिखने का मतलब यह नहीं है कि अंदर से शरीर पूरी तरह ठीक हो गया है. रिकवरी के दौरान महिलाओं को लंबे समय तक पूरी तरह बेड रेस्ट करने, पानी कम पीने, और केवल दाल-दलिया खाने जैसी गलतियों से बचना चाहिए. शरीर में हाइड्रेशन रखने और अच्छी हीलिंग के लिए हरी सब्जियां, फल, दूध और दही से भरपूर पौष्टिक डाइट लेना बेहद जरूरी है.
टांकों में रेडनेस या सूजन को बिल्कुल भी न करें नजरअंदाज
कई बार महिलाएं जरूरत न होने पर भी लंबे समय तक दवाएं लेती रहती हैं, जो ब्रेस्ट मिल्क के जरिए शिशु के लिए हानिकारक हो सकती हैं, इसलिए ऐसा करने से बचें. इसके अलावा, यदि टांकों के आसपास किसी भी तरह की रेडनेस या सूजन नजर आए तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह किसी संक्रमण (इंफेक्शन) का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.


