रांची (झारखंड): झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों अभ्यर्थियों के विशाल आंदोलन के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में बनी हुई है। शहर के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता तथा अनियमितताओं की जांच समेत कई प्रमुख मांगों को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच शनिवार (8 अगस्त) को JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच (देवेंद्रनाथ महतो गुट) के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के मध्य दौर की औपचारिक वार्ता हुई, किंतु कोई ठोस सहमति न बन पाने के कारण यह वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही।
🏛️ मोरहाबादी स्टेट गेस्ट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक, आंदोलन जारी रखने का निर्णय
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ।
इस बैठक में किसी भी बिंदु पर ठोस प्रशासनिक समाधान न निकलने के कारण छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के बैनर तले संचालित आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
📧 घर बैठे शिकायत व सुझाव दर्ज कराने हेतु सरकार ने जारी किया आधिकारिक ईमेल
इसी बीच, राज्य सरकार की ओर से दूर-दराज के जिलों में निवास करने वाले अभ्यर्थियों की सहूलियत हेतु एक आधिकारिक ईमेल आईडी— jpsc.jssc.feedback@gmail.com सार्वजनिक रूप से साझा की गई है।
इस पहल का उद्देश्य यह है कि जो छात्र-छात्राएं भौगोलिक दूरी के कारण प्रत्यक्ष रूप से रांची पहुंचने में असमर्थ हैं, वे अपनी शिकायतें, प्रामाणिक तथ्य एवं परीक्षा सुधार से संबंधित सुझाव सीधे इस मेल पर प्रेषित कर सकें।
👥 वार्ता में शामिल हुए मंत्री व छात्र प्रतिनिधि, संवाद के विकल्प अभी भी खुले
सरकारी प्रतिनिधिमंडल में राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू तथा संजय कुमार यादव सम्मिलित रहे।
वहीं छात्र पक्ष की ओर से प्रतिनिधिमंडल में दीनबंधु मंडल, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, बिमल कुमार, प्रेम कुमार, रविशंकर, अमित कुमार शर्मा एवं रामावतार महतो ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मजबूती से अपना पक्ष रखा।
⏳ 6 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो
इससे पूर्व शुक्रवार को भी सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत दूसरे छात्र गुट से वार्ता की थी, किंतु वह बैठक भी बेनतीजा रही थी।
शनिवार की वार्ता निष्फल रहने के बाद भी दोनों पक्षों की ओर से संवाद के मार्ग खुले रखे गए हैं। दूसरी ओर, अभ्यर्थियों की न्यायसंगत मांगों के समर्थन में जेएलकेएम (JLKM) नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
📋 क्या हैं JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें? CBI जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन शामिल
छात्र संघों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों का ब्योरा निम्नलिखित है:
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CBI व ED जांच की मांग: 14वीं JPSC परीक्षा में हुई कथित धांधली की जांच केवल राज्य CID से न कराकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग की जा रही है, क्योंकि अभ्यर्थियों को सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है।
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विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट: प्रकरण के त्वरित व समयबद्ध निस्तारण हेतु विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) का गठन किया जाए, ताकि निर्धारित समयावधि में न्याय सुनिश्चित हो सके।
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TDPL कंपनी को ब्लैकलिस्ट करना: विवादित एजेंसी ‘टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, कंपनी को ब्लैकलिस्ट में डाला जाए और भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी व विश्वसनीय संस्थाओं के माध्यम से आयोजित हों।
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दागी अधिकारियों को हटाना: JPSC और JSSC में पदस्थापित उन सभी प्रशासनिक अधिकारियों को अविलंब उनके पदों से हटाया जाए, जिन पर भ्रष्टाचार या अनियमितता के गंभीर आरोप हैं, तथा उनके स्थान पर निष्कलंक छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।


