नई दिल्ली : आज देशभर में अधिकमास की अमावस्या मनाई जा रही है। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे ‘सोमवती अमावस्या’ का विशेष दर्जा प्राप्त है। यह दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और पितरों का आशीर्वाद (Somvati Amavasya) पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किए गए दान, जप और तप का फल हजार गुना अधिक मिलता है।
पूजा और तर्पण का शुभ मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज का दिन आध्यात्मिक साधना के लिए सर्वोत्तम है:
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ब्रह्म मुहूर्त स्नान: प्रातः 4:00 से 5:30 बजे तक (अत्यंत उत्तम)।
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पितृ तर्पण का समय: सुबह 6:00 से 8:00 बजे के बीच।
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अमावस्या पर दान का विशेष महत्व
सोमवती अमावस्या पर किए गए दान से न केवल पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है। इस दिन श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार काला तिल, अक्षत, गेहूं, वस्त्र, जूते-छाते और (Somvati Amavasya) गाय को चारा खिलाने जैसी वस्तुएं दान कर सकते हैं।
