देश में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच अब एक नया मोड़ आ गया है। महाराष्ट्र के मुख्य (serious questions raised again) निर्वाचन अधिकारी (CEO) एस. चोक्कलिंगम द्वारा भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को लिखे गए एक आधिकारिक पत्र का हवाला देकर विपक्षी दलों ने आयोग पर हमले तेज कर दिए हैं।
serious questions raised again – इस संवेदनशील मुद्दे पर कड़ा प्रहार करते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि जब विपक्ष और आम मतदाता चुनावी कार्यप्रणाली और दर्ज हो रही प्राथमिकियों (FIR) पर सवाल उठाते हैं, तो उनकी आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया जाता है। लेकिन अब तो खुद महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पत्र लिखकर चुनावी सॉफ्टवेयर में आवश्यक सुधार की मांग उठाई है।
सॉफ्टवेयर में 4 से 5 बड़े बदलावों की मांग
शिवसेना के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आयोग को पत्र प्रेषित कर 4 से 5 अहम बदलावों की पुरजोर सिफारिश की है। इसमें चुनाव प्रबंधन से जुड़े सॉफ्टवेयर में तत्काल संशोधन की आवश्यकता बताई गई है। आनंद दुबे ने सीधे तौर पर प्रश्न किया कि जब निर्वाचन आयोग के अपने शीर्ष राज्य-स्तरीय अधिकारी ही मौजूदा व्यवस्था और सॉफ्टवेयर में खामियां बता रहे हैं, तो उन पर संज्ञान क्यों नहीं लिया जा रहा है?
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, निर्णयों की निष्पक्षता और सॉफ्टवेयर विवाद का यह समूचा मामला अब देश की शीर्ष अदालत की चौखट पर पहुंच चुका है।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका में चुनाव आयोग के बहुसदस्यीय स्वरूप, नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की शक्तियों के संतुलन को लेकर दिशा-निर्देश तय करने की गुहार लगाई गई है।
