केंद्र सरकार द्वारा गठित हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर जोरदार (conspiracy to target muslims) हमला बोला है। ओवैसी ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनकी पार्टी संसद और सार्वजनिक मंचों पर मुसलमानों की शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति के आधिकारिक आंकड़े एकत्र करने की मांग करती थी, तब सरकार इस मांग को लगातार टालती रही।
conspiracy to target muslims – उन्होंने दावा किया कि अब वही केंद्र सरकार डेमोग्राफी कमेटी के माध्यम से राज्यों से धर्म के आधार पर निजी और संवेदनशील विवरण मांग रही है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में ओवैसी ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज यह जानकारी जुटाने में क्यों लगी है कि किस धर्म के नागरिकों ने कितनी गाड़ियां खरीदीं और किसके पास कितनी अचल संपत्ति या जमीन है।
मुसलमानों के खिलाफ नैरेटिव गढ़ने का आरोप
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब सच्चर कमेटी या अन्य मंचों के हवाले से अल्पसंख्यकों के पिछड़ेपन, रोजगार और साक्षरता दर पर आधिकारिक आंकड़े जुटाने की पैरवी की जाती है, तब सरकार कोई तत्परता नहीं दिखाती। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के आधार पर लोगों की निजी संपत्तियों और वाहनों की गिनती करने का एकमात्र उद्देश्य खास समुदाय को कटघरे में खड़ा करना और राजनीतिक लाभ के लिए नकारात्मक विमर्श तैयार करना है।
