सी बकथॉर्न कांटेदार झाड़ीनुमा पौधे पर फलने वाला एक अत्यंत गुणकारी फल है। भारत में इसे ‘वंडर बेरी’, ‘ब्रह्मफल’, ‘हिमालयन बेरी’ या ‘लेह बेरी’ के नाम से भी व्यापक रूप से पहचाना जाता है। यह मुख्य रूप से अत्यधिक ऊंचाई वाले और शुष्क ठंडे क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगता है। भारत में यह बहुतायत में लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के (Sea Buckthorn Nutrition) स्पीति घाटी और उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय इलाकों में पाया जाता है।

Sea Buckthorn Nutrition: अपनी असाधारण न्यूट्रिशनल प्रोफाइल के कारण आज यह न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर सुपरफूड के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी विशिष्टता यह है कि इसमें ऐसे दुर्लभ फैटी एसिड्स पाए जाते हैं, जो सामान्यतः शाकाहारी स्रोतों में दुर्लभ और मांसाहारी आहारों में ही मिलते हैं। स्वाद में यह फल हल्का खट्टा, तीखा और बेहद समृद्ध होता है। फल के सीधे इस्तेमाल के अलावा इसकी पत्तियों से एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त हर्बल चाय भी तैयार की जाती है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर संपूर्ण स्वास्थ्य संवर्धन में उपयोगी है।

 विटामिन का भंडार 

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के अनुसार, प्रति 100 ग्राम ताजे सी बकथॉर्न में लगभग 275 मिलीग्राम शुद्ध विटामिन सी पाया जाता है, जो संतरे या नींबू की तुलना में कई गुना अधिक है। इसमें 3.54 मिलीग्राम विटामिन ई तथा 432.4 मिलीग्राम विटामिन ए मौजूद होता है, जो कोशिकाओं के पुनर्जनन में सहायक हैं। इसमें 5.4 मिलीग्राम विटामिन बी-12, 1.45 मिलीग्राम राइबोफ्लेविन (B2), 1.12 मिलीग्राम विटामिन बी-6 और 68.4 मिलीग्राम नियासिन (B3) जैसे मेटाबॉलिज्म सुधारक तत्व शामिल हैं।

सी बकथॉर्न का सेवन कैसे करें? 

ताजे या पैकेज्ड सी बकथॉर्न जूस को पानी के साथ मिलाकर सुबह के समय पिया जा सकता है। इसके अर्क या पल्प को फलों की स्मूदी, प्रोटीन शेक अथवा ताजे फलों के रस में मिलाकर स्वाद और पोषण बढ़ाया जा सकता है। सी बकथॉर्न बेरी पाउडर को सुबह के नाश्ते में दही, ओट्स, दलिया या सलाद पर छिड़ककर ले सकते हैं।  इसके शुद्ध पल्प को एक चम्मच हल्के गुनगुने पानी में घोलकर खाली पेट लेना पाचन के लिए उत्तम माना जाता है।

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