सिरदर्द आधुनिक जीवनशैली में सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। ऑफिस का तनाव, मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग, नींद की कमी, अनियमित दिनचर्या और खान-पान की (brain tumor खराब आदतें इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं. सिर में हल्का दर्द होते ही कई लोग सीधे ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी की आशंका से डर जाते हैं। हालांकि, वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि हर प्रकार का सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होता।
इन 8 अहम संकेतों को न करें नजरअंदाज
मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट और चेयरमैन डॉ. प्रवीण गुप्ता के अनुसार, यदि सिरदर्द की प्रकृति में अचानक बदलाव आए या दर्द लगातार बढ़ता जाए, तो तत्काल सतर्क होना चाहिए:
-
-
अचानक तेज शुरुआत: बिना किसी पूर्व इतिहास के अचानक बहुत तेज सिरदर्द होना।
-
-
-
दर्द का निरंतर बढ़ना: समय के साथ दर्द की तीव्रता और बारंबारता में लगातार वृद्धि होना।
-
-
-
नींद में खलल: सिरदर्द के अत्यधिक खिंचाव के कारण रात में अचानक नींद खुल जाना।
-
-
-
उल्टी और मतली: सिरदर्द के साथ लगातार उल्टी का अहसास या उल्टियां होना।
-
-
-
दृष्टि में बदलाव: आंखों के आगे धुंधलापन आना या नजर कमजोर महसूस होना।
-
-
-
दौरे पड़ना (Seizures): मांसपेशियों में ऐंठन, कंपकंपी या अचानक दौरे पड़ना।
-
-
-
शारीरिक कमजोरी: शरीर के किसी एक हिस्से या हाथ-पैर में सुन्नता व कमजोरी महसूस होना।
-
-
-
संतुलन और बोलने में दिक्कत: चलने-फिरने के दौरान लड़खड़ाहट होना और स्पष्ट बोलने में परेशानी आना।
-
कब करानी चाहिए विशेषज्ञ जांच?
-
-
विशेषज्ञ से परामर्श: अगर सिरदर्द लंबे समय तक बना रहे, दवाइयों से राहत न (brain tumor) मिले या ऊपर बताए गए न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखने लगें, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
-
-
-
जांच के साधन: कारणों की सटीक पहचान के लिए डॉक्टर जरूरत के मुताबिक एमआरआई (MRI), सीटी स्कैन (CT Scan) और अन्य न्यूरो-डायग्नोस्टिक टेस्ट की मदद लेते हैं।
-
