Scrappage policy: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वित्त वर्ष 2022 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए अनफिट, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को रोकने के लिए बहुप्रतीक्षित वॉलंटरी व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी’ (voluntary vehicle scrappage policy) की घोषणा की. पॉलिसी वाहनों के प्रदूषण को कम करने और तेल आयात बिल में कटौती करने में मदद करेगी. स्वचालित केंद्रों (automated centres) में फिटनेस परीक्षण किये जाएंगे. वाहनों की आयु वाणिज्यिक वाहनों के मामले में 15 वर्ष और व्यक्तिगत वाहनों के मामले में 20 वर्ष होगी. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नीति के विवरण की घोषणा करेगा.

इस पॉलिसी के लागू किये जाने से वाहनों के उत्पादन और क्षमता उपयोग में वृद्धि की उम्मीद की जाती है. इसे सरकार द्वारा ऑटोमोबाइल की मांग को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में देखा जाता है. पिछले हफ्ते परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के स्वामित्व वाले वाहनों की डीरगेटिंग और स्क्रैपिंग की नीति को मंजूरी दी थी. ऐसे वाहनों को 15 साल पुराने वाहन होंगे. यह नीति 1 अप्रैल 2022 से लागू होगी.

Scrappage policy: स्क्रैपिंग नीति करीब पांच साल से विचाराधीन थी. यह सरकार के राजस्व नुकसान की चिंताओं के कारण विभिन्न स्तरों पर अटक गई थी. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वाणिज्यिक वाहन, जो कुल वाहन बेड़े का लगभग 5 फीसदी हिस्सा हैं, कुल वाहनों के प्रदूषण का लगभग 65-70 फीसदी योगदान करते हैं. ये पुराने वाहन आधुनिक वाहनों की तुलना में 10-25 गुना अधिक प्रदूषण करते हैं.
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देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में बजट 2021 पेश कर रही हैं. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार ने आत्मनिर्भर पैकेज की घोषणा की और इस दौरान किसानों के पैसे डाले गए. उन्होंने कहा 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बांटी गई. वित्त मंत्री ने कहा कोरोना महामारी के दौरान 27 लाख करोड़ के बजट का ऐलान किया गया. पांच मिनी बजट जैसी घोषणाएं की गई.

वित्त मंत्री ने कहा पीएम मोदी ने गरीब तबकों के लिए खजाना खोले रखा. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर योजना मिनी बजट की तरह ही है. आत्मनिर्भर पैकेज ने रिफॉर्म को आगे बढ़ाया. वन नेशन, वन राशन कार्ड, प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव, फेसलेस इनकम टैक्स असेसमेंट जैसे सुधार आगे बढ़ाए गए.
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