धार/भोपाल : मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक भोजशाला परिसर से जुड़ी मां वाग्देवी (देवी सरस्वती) की प्राचीन अलौकिक प्रतिमा की भारत वापसी की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण (return of vagdevi statue) में पहुँच गई है। दशकों से लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम (British Museum) में सुरक्षित रखी गई यह ऐतिहासिक प्रतिमा शीघ्र ही भारत लौट सकती है।
return of vagdevi statue – भोपाल में आयोजित ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्य समूह’ की बैठक से पूर्व केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने इस विषय पर प्रामाणिक जानकारी साझा की उन्होंने बताया कि मां वाग्देवी की दिव्य प्रतिमा की स्वदेश वापसी हेतु सभी अनिवार्य विधिक व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। वर्तमान में भारत सरकार, भारतीय राजनयिक मिशनों और ब्रिटिश म्यूजियम के मध्य औपचारिक हस्तांतरण की प्रक्रिया द्रुत गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत सरकार विदेशों में मौजूद अपनी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों की पुनर्प्राप्ति हेतु समर्पित अभियान चला रही है।
स्वदेश लौटने के उपरांत कहां स्थापित होगी प्रतिमा?
प्रतिमा की स्थायी स्थापना को लेकर फिलहाल केंद्र अथवा राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा जारी नहीं की गई है। प्रशासनिक एवं पुरातात्विक सूत्रों के अनुसार, भारत आगमन के पश्चात प्रतिमा को सर्वप्रथम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की प्रत्यक्ष निगरानी में अति-सुरक्षित वातावरण में रखा जाएगा। तदोपरांत, उच्चतम न्यायालय में लंबित भोजशाला विवाद, सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक परिस्थितियों का समग्र मूल्यांकन कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो प्रतिमा को धार स्थित मूल भोजशाला परिसर में स्थापित किया जा सकता है।


