रांची: राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जिनमें झारखंड जन अधिकार महासभा, यूनाइटेड मिली फोरम और साझा कदम शामिल हैं, ने ‘SIR’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर (questions on right to vote) नाम हटाए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर नागरिकों के संवैधानिक मतदान अधिकार का हनन है।
प्रदर्शनकारियों ने चिंता व्यक्त की कि मामूली तकनीकी या दस्तावेजी खामियों को आधार बनाकर योग्य नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए आशंका जताई कि झारखंड में भी इसी प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, जिससे बड़ी संख्या में मतदाता अपने अधिकार से वंचित हो सकते हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया का सबसे बुरा असर गरीब, मजदूर और हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर पड़ेगा।
questions on right to vote – सामाजिक कार्यकर्ता रिया तूलिका ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जन अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा, “सुधार प्रक्रिया का हम स्वागत करते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। वर्तमान प्रक्रिया में व्याप्त खामियों के कारण आम नागरिक बिना किसी गलती के परेशानी झेल रहे हैं।”
