अयोध्या। भव्य अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन और आरोपियों— अनूप मिश्रा, लवकुश और करुणेश पांडे की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इससे पूर्व भी कोर्ट तीन अन्य (SIT exposed donation scam) आरोपियों की जमानत अर्जियां निरस्त कर चुका है, और उसी आधार को ध्यान में रखते हुए इन तीनों की याचिकाओं को भी खारिज कर दिया गया।

 8 में से 6 आरोपियों की जमानत खारिज

इस बहुचर्चित मामले में कुल 8 आरोपी शामिल हैं, जिनमें से 6 की जमानत अर्जियां अब तक खारिज की जा चुकी हैं। अब केवल दो आरोपियों— सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और टीनू यादव की जमानत अर्जी पर निर्णय होना बाकी है, जिन पर बुधवार को सुनवाई तय की गई है। दूसरी तरफ, बचाव पक्ष के वरिष्ठ वकीलों का कहना है कि निचली अदालत से अर्जी खारिज होने के बाद अब वे जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।

 काउंटिंग रूम से चोरी के 105 मामलों की पुष्टि

इससे पूर्व, मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, SITने शीर्ष अदालत को बताया कि जांच के दौरान राम मंदिर(SIT exposed donation scam) परिसर के काउंटिंग रूम से बिना किसी अनुमति के पैसे निकालने, हेरफेर करने और छिपाने के कम से कम 105 मामलों का पता चला है। एसआईटी ने आठों मुख्य आरोपियों की पहचान करने के साथ ही यह भी पाया कि इस गिरोह ने दान गणना प्रक्रिया में शामिल कुछ अन्य लोगों से भी सांठगांठ की थी।

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