उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या, काशी और मथुरा को लेकर सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है. अयोध्या में अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण के विरोध को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तीखा हमला बोला है. पाठक ने समाजवादी पार्टी पर जमकर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और अयोध्या-काशी के विकास कार्यों पर सवाल उठाने वाले अखिलेश से कई तीखे सवाल पूछे.
🛕 2. ‘जो राम का नहीं हुआ वो कृष्ण का नहीं हो सकता’, ब्रजेश पाठक ने मथुरा को लेकर सपा प्रमुख से मांगा रुख स्पष्ट करने को
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “जो राम का नहीं हुआ, वो कृष्ण का नहीं हो सकता और जो कृष्ण का नहीं हो सकता, वो किसी का नहीं हो सकता.” उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब तुष्टीकरण अपने चरम पर था और धार्मिक नगरों के विकास की उपेक्षा की गई थी. पाठक ने अखिलेश से साफ शब्दों में पूछा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि मथुरा को लेकर उनकी पार्टी का क्या रुख है.
🗳️ 3. सनातन संस्कृति और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर भी अखिलेश पर बरसे डिप्टी सीएम
ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति हमेशा मुस्लिम तुष्टीकरण के इर्द-गिर्द घूमती रही है और उन्हें सनातन संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है. इसके अलावा, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी पलटवार करते हुए पाठक ने कहा कि सपा हार मिलने पर हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप लगाती है, जबकि जीत मिलने पर यही संस्थाएं उन्हें अच्छी लगने लगती हैं.


