रायपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। इस दौरान वे अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। यह शिविर पार्टी की भविष्य की रणनीतियों और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। राहुल गांधी इस दौरान नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को पार्टी की रीति-नीति और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के बीच जाने का ‘गुरु मंत्र’ देंगे।

🏗️ संगठन को धार देने की तैयारी

आज से शुरू हो रहा यह प्रशिक्षण शिविर 31 तारीख तक यानी कुल 10 दिनों तक चलेगा। इसमें छत्तीसगढ़ के शीर्ष नेताओं से लेकर संगठन के सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्ष शिरकत करेंगे। कांग्रेस आलाकमान का छत्तीसगढ़ पर विशेष फोकस है, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी अब 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से कमर कस रही है। राहुल गांधी के दौरे से पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए सचिन पायलट भी रायपुर पहुँच चुके हैं।

🔥 सियासी वार-पलटवार का दौर

राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस खेमे में उत्साह है, तो वहीं सत्ताधारी दल भाजपा ने भी सियासी हमले तेज कर दिए हैं। भाजपा नेताओं का तंज है कि राहुल गांधी जहाँ भी जाते हैं, वहां कांग्रेस को नुकसान ही होता है। इन आरोपों के जवाब में कांग्रेस के युवा नेताओं ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के शासन से परेशान है और वे 2028 में सरकार बदलने के लक्ष्य के साथ अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं।

⚡ 2028 विधानसभा चुनाव का एजेंडा

प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे नेताओं का स्पष्ट मानना है कि यह कार्यक्रम पार्टी को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा विकास के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है, जिसे बेनकाब करना और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। यह 10 दिवसीय शिविर कांग्रेस की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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