रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं और धान खरीदी प्रणाली की चर्चा अब दूसरे राज्यों में भी होने लगी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के धान खरीदी मॉडल, किसानों के सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले प्रयासों की सराहना की।
📊 छत्तीसगढ़ मॉडल: आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण
महाराष्ट्र से आए विधायकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था अत्यंत प्रभावी और अनुकरणीय है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के 4 जिलों में भी बड़ी संख्या में धान की खेती होती है, इसलिए वे यहां के सफल मॉडल का अध्ययन करने आए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयासों को सराहनीय बताया।
💡 किसानों की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य में चल रही ‘कृषक उन्नति योजना’ और अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। इस वर्ष लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, जो देश के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। सीएम ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक है।
🤝 आपसी समन्वय से सुधरेगा कृषि क्षेत्र
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि वे छत्तीसगढ़ के इस सफल मॉडल को महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।


