रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। आमतौर पर राज्य में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 12 जून है, लेकिन इस बार अनुकूल परिस्थितियां न बनने के कारण मानसून की एंट्री में देरी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आगमन के लिए कुछ विशेष मापदंड (Criteria) होते हैं, जिनके पूरा होने के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाती है।

📊 पिछले 15 वर्षों में मानसून का आगमन और वर्षा (मिमी में)

वर्ष आगमन की तारीख कुल वर्षा (मिमी)
2011 17 जून 1212.2
2012 18 जून 1230.7
2013 9 जून 1229.9
2014 19 जून 1129.9
2015 14 जून 959.6
2016 17 जून 1112.1
2017 21 जून 842.9
2018 26 जून 1005.0
2019 22 जून 1095.0
2020 12 जून 1101.0
2021 11 जून 1107.5
2022 18 जून 1071.5
2023 21 जून 1050.3
2024 7 जून 1231.7
2025 28 मई 1167.0

🔎 मानसून सीजन की अहमियत

मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 30 सितंबर तक की अवधि को ‘मानसून सीजन’ माना जाता है। छत्तीसगढ़ में सामान्य वर्षा का औसत 1142.1 मिलीमीटर है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 15 वर्षों में वर्षा का स्तर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2024 में राज्य में 1231.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी, जो सामान्य से अधिक थी, जबकि 2017 में सबसे कम 842.9 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।

⛈️ मानसून में देरी के कारण

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की प्रगति के लिए ‘फेवरेबल कंडीशंस’ (अनुकूल परिस्थितियां) का होना अनिवार्य है। वर्तमान में ये स्थितियां नहीं बन पाने के कारण मानसून अपनी सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही अरब सागर या बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ में मानसून की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी।

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