बिहार के पूर्णिया जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद स्तब्ध कर देने वाला ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक शातिर युवक ने साधु का वेश धारण कर एक ऐसे परिवार को अपना शिकार बनाया, जिसने 18 साल पहले अपना बेटा खो दिया था। युवक ने न केवल परिवार का विश्वास जीता, बल्कि जमीन गिरवी रखवाकर 3.35 लाख रुपये भी ऐंठ लिए और अंत में फरार हो गया।
🙏 साधु के वेश में विश्वास का जाल
खुट्टी हसेली गांव के झुनिया देवी के घर पर करीब 30 साल का एक युवक साधु बनकर पहुंचा। उसने उन्हें ‘मां’ कहकर संबोधित किया और भावुक कहानी सुनाते हुए खुद को उनका 18 साल पहले लापता हुआ बेटा बताया। युवक ने गांव में सत्संग और प्रवचन देकर लोगों का भरोसा और गहरा कर लिया। उसने अपने बचपन और आश्रम की ऐसी बातें बताईं कि परिवार का हर सदस्य उसे अपना बिछड़ा बेटा मानने लगा।
💸 बेटे को छुड़ाने के नाम पर जमीन गिरवी
असली खेल तब शुरू हुआ जब युवक ने गोरखपुर स्थित ‘गुरु’ का बहाना बनाया। उसने फोन पर रोते हुए कहा कि गुरु ने उसे कैद कर लिया है और छोड़ने के एवज में 3 लाख रुपये मांग रहे हैं। 18 साल बाद मिले बेटे को दोबारा खोने के डर से घबराए परिवार ने आनन-फानन में अपनी जमीन गिरवी रखी और कुल 3.35 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलते ही युवक का मोबाइल बंद हो गया और उसके गायब होते ही परिवार को अहसास हुआ कि वे एक क्रूर ठगी का शिकार हो गए हैं।
🚔 पुलिस की जांच और ग्रामीणों का आक्रोश
पीड़ित परिवार ने श्रीनगर थाना में अज्ञात ठग के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और उस शातिर ठग की तलाश में जुटी है जिसने गांव में रहकर परिवार की निजी जानकारियों का फायदा उठाया। यह मामला केवल आर्थिक धोखाधड़ी का नहीं है, बल्कि एक मां की ममता और परिवार की संवेदनाओं के साथ खेले गए बेहद घिनौने मजाक का है।
संपादकीय टिप्पणी: अपराधी अब लोगों की धार्मिक आस्था और पारिवारिक भावनाओं को अपना हथियार बना रहे हैं। क्या आपको लगता है कि समाज में बढ़ती अजनबियों पर इस तरह की त्वरित और अंधाधुंध निर्भरता को कम करने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रमों की अधिक आवश्यकता है? अपने विचार नीचे साझा करें।


