चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सोशल मीडिया पर अपराध के महिमा मंडन को रोकने संबंधी आदेश का पंजाब पुलिस द्वारा दुरुपयोग करने का आरोप ट्विटर ने लगाया है। मंगलवार को ट्विटर की ओर से हाईकोर्ट में पेश वकील ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस अदालत के पूर्व आदेश का दुरुपयोग करते हुए अब ऑनलाइन आलोचना तक को हटाने का प्रयास कर रही है।

चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष ट्विटर ने 28 जनवरी के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने पंजाब के डी.जी.पी. को केवल उन वैबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स की पहचान करने को कहा था, जहां वीडियो पोस्ट के जरिए अपराध और अपराधियों का महिमा मंडन हो रहा है, ताकि ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाया जा सके।  ट्विटर के वकील ने आरोप लगाया कि इस आदेश को उसकी मूल भावना से आगे बढ़ाकर लागू किया जा रहा है। अब पुलिस इस आदेश के आधार पर न केवल आपत्तिजनक सामग्री हटवा रही है, बल्कि अपने खिलाफ आने वाली टिप्पणियों को भी हटाने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं इस संबंध में एफ. आई.आर. तक दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश सीमित दायरे का है और इसे मनमाने ढंग से विस्तारित नहीं किया जा सकता।

साथ ही उन्होंने अदालत से इस पर स्पष्टीकरण मांगने की बात कही। हालांकि पीठ ने ट्विटर के वकील को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे को उचित मंच पर चुनौती दें और आवश्यक आवेदन दायर करें। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की सुनवाई 24 मार्च तक स्थगित कर दी।

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