चंडीगढ़ : हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने बिजली (Haryana Electricity Bill) बिलिंग से जुड़े 2 अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए बिजली वितरण निगमों की कार्यप्रणाली पर कड़ा संज्ञान लिया है और उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। अम्बाला जिले से प्राप्त एक शिकायत की सुनवाई करते हुए आयोग ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की बिलिंग प्रणाली में गंभीर खामी पाए जाने पर चिंता जताई।

Haryana Electricity Bill  – आयोग ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि बिलिंग सॉफ्टवेयर में मल्टीप्लाइंग फैक्टर 1 से कम होने के बावजूद 0.1 दर्ज कर लिया गया, जबकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह फैक्टर 1 से कम नहीं हो सकता। आयोग ने माना कि यदि सॉफ्टवेयर में मल्टीप्लाइंग फैक्टर की सीमा तय की गई होती तो सिस्टम 0.1 को स्वीकार ही नहीं करता। इस संबंध में आयोग ने चीफ इंजीनियर (आई.टी.), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को निर्देश दिए हैं कि वे यह स्पष्ट करें कि सिस्टम ने 1 के स्थान पर 0.1 को क्यों स्वीकार किया और इस त्रुटि को दूर करने के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं या प्रस्तावित हैं।

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