मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों विलय और गठबंधन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। कांग्रेस और NCP (शरदचंद्र पवार) के बीच संभावित विलय की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के प्रमुख रामदास आठवले ने एक बड़ा सियासी दांव खेला है। आठवले ने शरद पवार को कांग्रेस से हाथ मिलाने के बजाय बीजेपी नेतृत्व वाले NDA गठबंधन में शामिल होने की सलाह दी है।
🗳️ ‘कांग्रेस अब उतनी ताकतवर नहीं बची’
रामदास आठवले ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे पहले स्वयं शरद पवार को कांग्रेस में विलय करने की सलाह दे चुके थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ (कांग्रेस) के पास वह पुरानी ताकत नहीं रही। उन्होंने कहा, “शरद पवार को कांग्रेस के साथ जाने के बजाय NDA का हिस्सा बनना चाहिए। यदि उन्हें बीजेपी से कोई वैचारिक दिक्कत है, तो वे अपनी पार्टी का RPI में भी विलय कर सकते हैं।”
🤔 संजय राउत के सुझाव के बाद छिड़ी बहस
आठवले का यह बयान शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के उस सुझाव के बाद आया है, जिसमें राउत ने TMC और NCP (SP) जैसी पार्टियों से कांग्रेस में वापस लौटने की अपील की थी। राउत का मानना था कि बीजेपी को हराने के लिए सभी पुरानी शाखाओं को ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ के साथ मिलकर एक मजबूत विकल्प बनाना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की करारी हार के बाद से ही विपक्षी गठबंधन को एकजुट करने की यह कवायद तेज हो गई है।
⚖️ महाराष्ट्र की बदलती राजनीति
संजय राउत का तर्क है कि जिन नेताओं ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टियां बनाई थीं, उन्हें अब समय की मांग को समझते हुए फिर से साथ आना चाहिए। हालांकि, रामदास आठवले के बयान ने इस पूरे विमर्श को एक अलग दिशा दे दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शरद पवार इन सुझावों पर गौर करते हैं या वे अपने विपक्षी गठबंधन (MVA) के साथ ही बने रहेंगे।


