लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने (Prayagraj Murder Case) प्रयागराज में विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह और उसके गनर की हत्या के मामले में कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और जो भी दोषी होगा उसे सजा मिलेगी। विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के बाद नियम-56 (कार्यस्थगन) के तहत बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य उमाशंकर सिंह ने राजू पाल हत्याकांड के गवाह और उसके गनर की हत्या का मामला उठाया। बसपा सदस्य ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मुख्य गवाह तथा गनर (सिपाही) की पत्नियों को पांच-पांच करोड़ रुपये एवं सरकारी नौकरी देने की मांग की।
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उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में अहम गवाह रहे उमेश पाल और उसके गनर की पिछली 24 फरवरी को प्रयागराज में दिनदहाड़े बम और गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, इस हमले में एक आरक्षी घायल हो गया। माफिया राजनेता अतीक अहमद राजू पाल हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त है और वह इस वक्त गुजरात की एक जेल में बंद है। उमेश पाल उसके गनर के हत्याकांड मामले में पाल की पत्नी जया की तहरीर पर प्रयागराज के धूमनगंज थाने में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता उसके दो बेटों तथा साथियों गुड्डू और गुलाम तथा नौ अन्य के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
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Prayagraj Murder Case – बसपा सदस्य द्वारा उठाये गये मामले पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। खन्ना ने मामले की शुरुआत से लेकर अब तक पुलिस और अदालत में चली कार्रवाई का ब्यौरा दिया और कहा कि जल्द से जल्द अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रयागराज के पुलिस आयुक्त 10 टीमों का गठन किया है। इसमें एसटीएफ को भी लगाया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुरस्कार घोषित करने की योजना है।

