जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में आतंकवाद के समूल खात्मे के लिए सुरक्षा बलों ने 29 सितंबर को एक व्यापक व समन्वित सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। दोनों संवेदनशील जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित एक दर्जन से अधिक संभावित ठिकानों पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक साथ घेराबंदी कर सघन तलाशी (Poonch Rajouri Encounter Updates) अभियान चलाया जा रहा है।
Poonch Rajouri Encounter Updates – सैन्य सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से आतंकियों की आवाजाही और उन्हें शरण व संसाधन मुहैया कराने वाले ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के संबंध में पुख्ता इनपुट प्राप्त हुए थे। सूचना की पुष्टि होते ही भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस (SOG) और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। इस महाअभियान के तहत संदिग्ध मकानों, प्राकृतिक गुफाओं और घने जंगलों से सटे संवेदनशील इलाकों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी आतंकी गतिविधि को समय रहते निष्प्रभावी किया जा सके।
21 पाकिस्तानी और 4 स्थानीय आतंकी रडार पर
जम्मू संभाग के विभिन्न इलाकों में करीब 25 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें 21 पाकिस्तानी और 4 स्थानीय दहशतगर्द शामिल हैं। सुरक्षा बल कठुआ के जंगलों से लेकर उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ तक के विशाल वन क्षेत्रों में धरपकड़ के लिए निरंतर कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। चिन्हित चार स्थानीय आतंकियों में से तीन हिज्बुल मुजाहिदीन के पुराने कमांडर हैं, जिनमें किश्तवाड़ क्षेत्र में सक्रिय जहांगीर सरूरी और उसका गिरोह शामिल है। वहीं, चौथा स्थानीय आतंकी ‘निक्कू’ कठुआ और उधमपुर के मध्यवर्ती पहाड़ी इलाकों में सक्रिय बताया जा रहा है।


