महाराष्ट्र: राज्य में इस वर्ष गणेशोत्सव केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास तक सीमित न रहकर लाउडस्पीकर, डीजे (DJ) और ध्वनि प्रदूषण के बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। मुंबई में सार्वजनिक गणेश मंडलों को विसर्जन के चार प्रमुख दिनों (15, 18, 19 और 25 सितंबर) पर सुबह 6:00 बजे से रात 12:00 बजे तक (aimim and shinde groups face to face) लाउडस्पीकर और एम्प्लीफायर के इस्तेमाल की विशेष छूट दी गई है।
इस प्रशासनिक निर्णय पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने तीखा ऐतराज जताया और सवाल किया कि जब ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य व नागरिकों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, तो देर रात तक छूट क्यों दी जा रही है? इसके जवाब में शिंदे गुट के मंत्री संजय शिरसाट ने पलटवार करते हुए कहा कि जब अन्य धार्मिक पर्वों पर नियमों के तहत छूट मिलती है, तो केवल गणेशोत्सव पर ही सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।
पुणे में सड़क तक पहुंचा विवाद
पुणे के 37 वर्षीय एक्टिविस्ट विद्यानंद बापट ने गणेशोत्सव में सार्वजनिक सड़कों पर बजने वाले हाई-डेसीबल डीजे और भारी साउंड सिस्टम पर पाबंदी लगाने की मांग नगर निगम की बैठक में उठाई थी। 3 सितंबर को जब बापट मीडिया से रूबरू हो रहे थे, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने अचानक आकर उन्हें जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई।
पुणे में ‘डीजे मुक्त’ अभियान बना जन-आंदोलन
पुणे के स्थानीय नागरिकों ने ‘Ear-Splitting Speak Free Pune Action Committee’ के बैनर तले एफसी रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया और 350 से ज्यादा नागरिकों ने नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की। विद्यानंद बापट द्वारा उठाए गए रुख को सोशल मीडिया पर पुणेकरों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी बीच पुणे के शिक्षाविद् धनंजय कुलकर्णी ने बापट पर बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है।
