नेपाल: पड़ोसी देश नेपाल में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए महाराष्ट्र के कई यात्रियों से परिजनों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। आपदा के (Mansarovar pilgrims trapped in Nepal) चलते महाराष्ट्र के पुणे, मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई सहित राज्य के विभिन्न जिलों के श्रद्धालु प्रभावित दुर्गम इलाकों में फंस गए हैं।

Mansarovar pilgrims trapped in Nepal – कुछ यात्रियों के सुरक्षित होने की सूचना मिली है, जबकि दर्जनों श्रद्धालुओं से अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनके परिजनों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुणे जिले के व्यंकटराम अन्नमदेवरा (52) और उनकी पत्नी अनघा अन्नमदेवरा (49) भी 67 यात्रियों के उस जत्थे का हिस्सा थे, जो इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया।

अंधेरी स्थित डॉ. मिलिंद चितले की हिल एंड ट्रैकिंग कंपनी के माध्यम से यात्रा पर गए मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के करीब 60 यात्रियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। भारी मलबे और कीचड़ में दबने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 ठाणे के 12 में से 10 श्रद्धालुओं का अता-पता नहीं 
    • 23 अगस्त को हुए थे रवाना: ठाणे जिले के श्रद्धालु 23 अगस्त को मुंबई से ‘ऋचा टूर एंड ट्रैवल्स’ के माध्यम से नेपाल होते हुए कैलाश मानसरोवर के लिए निकले थे।

    • दो सुरक्षित, 10 लापता: शुरुआती सूचना के अनुसार ठाणे के कुल 12 यात्रियों में से 2 तीर्थयात्री तिब्बत क्षेत्र में सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जबकि शेष 10 यात्रियों से अब तक संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।

    • लापता प्रमुख नाम: लापता होने वालों में ठाणे शहर के समतानगर निवासी रेखा पाटणकर व विनायक सतीश पाटणकर, घंटाली सहनिवास निवासी अपर्णा समीर जोशी व मुकुंद समीर जोशी तथा बालकुम स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स निवासी रजनीश रघुनाथ नाटू शामिल हैं।

       

 

 

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