मधुबनी (बिहार): मधुबनी के व्यवहार न्यायालय परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पेशी के लिए लाया गया एक विचाराधीन बंदी पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला।
आरोपी ने हाथ में लगी हथकड़ी को जोरदार झटका देकर छुड़ाया और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर पलक झपकते ही मौके से फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और शहर भर में नाकेबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। आखिरकार करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कैदी को स्टेडियम रोड के समीप दोबारा पकड़ लिया गया।
💊 स्मैक के साथ पकड़े गए थे दो सगे भाई: भेजा थाना पुलिस ने भेजा था जेल
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि और मामला:
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टेकना टोल से गिरफ्तारी: यह पूरा मामला भेजा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने बुधवार की शाम टेकना टोल इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो सगे भाइयों शैलेंद्र यादव और धीरेंद्र यादव को गिरफ्तार किया था।
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नशीला पदार्थ बरामद: तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के पास से करीब 4 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी।
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एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई: मादक पदार्थ रखने के आरोप में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया गया और विधिक प्रक्रिया पूरी कर गुरुवार को न्यायिक रिमांड के लिए व्यवहार न्यायालय लाया गया था।
⚡ कोर्ट में पेशी के दौरान दिया चकमा: हथकड़ी झटककर लगा दी दौड़
घटना का विवरण:
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सुरक्षा में सेंध: गुरुवार दोपहर दोनों आरोपियों को कोर्ट रूम में पेश करने की तैयारी चल रही थी, तभी धीरेंद्र यादव ने पुलिस बल की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था को भांपते हुए दांव खेल दिया।
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हथकड़ी से हाथ निकाला: आरोपी ने पूरी ताकत से अपनी कलाई को झटका देकर हथकड़ी से हाथ निकाल लिया और अचानक मुख्य गेट की ओर दौड़ लगा दी।
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पुलिस रह गई भौंचक: जब तक तैनात पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते या घेराबंदी कर पाते, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर काफी दूर निकल चुका था।
🔍 शहर भर में 3 घंटे तक चला सघन तलाशी अभियान: संभावित ठिकानों पर दी गई दबिश
पुलिसिया कार्रवाई और घेराबंदी:
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कंट्रोल रूम को अलर्ट: कैदी के फरार होते ही कोर्ट परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और डायल 112 को सूचना दी।
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नाकेबंदी व जांच: पुलिस की कई विशेष टीमों ने व्यवहार न्यायालय के आसपास के मोहल्लों, मुख्य चौराहों और शहर की तंग गलियों में छानबीन शुरू की।
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दबिश का दौर: बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित रास्तों पर करीब तीन घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
👀 स्टेडियम रोड पर स्थानीय लोगों की पड़ी नजर: हथकड़ी देखकर हुआ शक, दबोचा गया आरोपी
नागरिकों की सतर्कता और गिरफ्तारी:
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संदिग्ध अवस्था में दिखा कैदी: पुलिस की चौकसी के बीच स्टेडियम रोड के पास कुछ स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जिसके हाथ में हथकड़ी लटक रही थी।
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लोगों ने घेरा: नागरिकों को तुरंत शक हुआ कि यह वही कैदी है जो कुछ देर पहले कोर्ट परिसर से फरार हुआ था। स्थानीय युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया।
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पुलिस को सूचना: लोगों ने बिना देरी किए स्थानीय पुलिस को सूचना दी और आरोपी को सुरक्षित अपने कब्जे में रखा।
⚖️ पुलिस ने दोबारा लिया हिरासत में: कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
सुरक्षा खामियां और विधिक कदम:
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पुनः हिरासत: सूचना पाते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और धीरेंद्र यादव को अपनी हिरासत में लेकर थाने ले गई।
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सुरक्षा पर सवालिया निशान: हालांकि तीन घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ लिया गया, लेकिन कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील और कड़े सुरक्षा घेरे से एक कैदी का हथकड़ी छुड़ाकर भाग जाना सुरक्षा इंतजामात और पुलिसकर्मियों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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कड़ी कानूनी कार्रवाई: पुलिस प्रशासन अब अभिरक्षा से भागने के जुर्म में आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है।


