नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा के पहली बार सदस्य बने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 36 सांसदों से एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात की। इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को संसदीय जीवन की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भावी राजनीति में सफल होने के लिए वर्तमान पर ध्यान केंद्रित (Focus) रखें और देश के उज्ज्वल भविष्य के दृष्टिकोण से क्या सर्वोत्तम हो सकता है, उसी दिशा में निष्ठापूर्वक कार्य करें। बातचीत के क्रम में पीएम मोदी ने सभी सांसदों से उनकी व्यक्तिगत दिनचर्या के बारे में जानकारी ली और अपनी अनुशासित जीवनशैली का उल्लेख करते हुए बताया कि वे प्रतिदिन केवल 3 घंटे ही सोते हैं और बिस्तर पर लेटने के महज 8 सेकंड के भीतर ही उन्हें गहरी नींद आ जाती है।
🏛️ “दिल्ली के मकड़जाल से दूर रहें”, पक्ष-विपक्ष दोनों से सीखकर काम करने की दी सलाह
प्रधानमंत्री ने नव-निर्वाचित सांसदों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि उन्हें लुटियंस दिल्ली के राजनीतिक आकर्षण व ‘मकड़जाल’ से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
उन्होंने सांसदों को हिदायत दी कि वे अपने गृह क्षेत्रों, स्थानीय जनता और जमीनी कार्यकर्ताओं से निरंतर जीवंत संपर्क बनाए रखें। इस विशेष बैठक में हाल के दिनों में अन्य राजनीतिक दलों से बीजेपी में शामिल होकर प्रथम बार राज्यसभा पहुँचे सांसद भी उपस्थित थे। पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि संसद में सीखने की कोई सीमा नहीं होती; अतः सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों ही पक्षों के वरिष्ठ व अनुभवी सदस्यों के आचरण से सीखें और सभी के साथ समन्वय बनाकर देशहित में काम करें।
😴 “बिस्तर पर लेटने के 8 सेकंड में आ जाती है नींद”, लेटरहेड के उपयोग पर सतर्क रहने की हिदायत
संसदीय कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को सदन के भीतर अधिक से अधिक समय व्यतीत करने का सुझाव दिया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को अपने आधिकारिक लेटरहेड (Official Letterhead) के दुरुपयोग के प्रति विशेष रूप से सचेत रहने और फोन पर आम नागरिकों व कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार के रूखे व्यवहार से बचने की सख्त हिदायत दी। अपनी अनोखी दिनचर्या के विषय में चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे बिस्तर पर पहुँचने के मात्र आठ सेकंड के अंदर सो जाते हैं और दैनिक रूप से मात्र तीन घंटे की नींद लेते हैं, जो उन्हें तरोताजा रखती है।
💬 “उत्कृष्ट परिणामों के लिए वर्तमान पल में जीना आवश्यक है”: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
“बेहतर और उत्कृष्ट परिणामों की प्राप्ति के लिए वर्तमान समय में जीना अत्यंत आवश्यक है। जैसे इस समय मैं आप सभी सांसदों के मध्य उपस्थित हूँ, तो मेरा मस्तिष्क केवल इसी क्षण पर केंद्रित है और मैं किसी अन्य विषय के बारे में विचार नहीं कर रहा हूँ। मनुष्य को उसी पल के बारे में सोचना चाहिए और उसी पल को पूर्ण मनोयोग से जीना चाहिए जिसमें वह विद्यमान होता है।”


