पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित वह चर्चित सरकारी बंगला अब खाली हो गया है, जो करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने भवन निर्माण विभाग के नोटिस के बाद आखिरकार इस आवास को छोड़ दिया है। अब लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी अपने परिवार के साथ कौटिल्य नगर (Patna Bungalow Controversy) स्थित निजी आवास में शिफ्ट हो गए हैं। वहीं, तेजस्वी यादव की पत्नी और बच्चे पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में स्थानांतरित हो गए हैं।
Patna Bungalow Controversy – यह बंगला साल 2006 में राबड़ी देवी को विपक्ष की नेता के तौर पर आवंटित किया गया था। इस दौरान लालू परिवार ने सत्ता के कई उतार-चढ़ाव देखे और इसी बंगले में रहते हुए तेजस्वी यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचे थे। सरकारी बंगले खाली करने की प्रक्रिया अक्सर विवादों में रहती है, और राबड़ी देवी का मामला भी इससे अछूता नहीं था। हालांकि, अब यह बंगला बीजेपी के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है, जो जल्द ही इसमें प्रवेश करेंगे।
क्या था बंगला विवाद?
बंगला खाली करने को लेकर काफी खींचतान देखने को मिली थी। जब सरकार ने नोटिस जारी किया, तो राबड़ी देवी ने इसे खाली करने से पहले कई सवाल उठाए थे। उनके पर्सनल सेक्रेटरी ने तर्क दिया था कि नया आवंटित बंगला (39 हार्डिंग रोड) मरम्मत के अभाव में रहने लायक नहीं है। साथ ही, उन्होंने 2006 में बंगले की स्थिति और सामान की सूची की मांग की थी ताकि बाद में कोई विवाद न हो। काफी मान-मनौव्वल और शर्तों के बाद आखिरकार अब यह बंगला खाली कर दिया गया है।


