लखीमपुर खीरी : बुधवार की शाम डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार (Parali) में धान की कटाई को लेकर सभी एसडीएम, बीडीओ और कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी सूरत में पराली न जलने पाए। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि धान की कटाई करने वाले किसानों से निरंतर वार्ता करते रहें कि पराली या फसल अवशेष को कतई न जलाया जाए। किसानों को प्रेरित कर पराली गौशाला में दान करायी जाए।

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Parali – कर्मचारियों को फील्ड में रहकर पराली नही जलाए जाने के लिए निगरानी करने के लिए निर्देशित किया जाए। मशीन से धान कटाई करने वाले लोगों से भी वार्ता कर उन्हें भी चेतावनी दी जाए कि यदि कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम अथवा स्ट्रारीपर अथवा स्ट्रारेक एवं बेलर या अन्य फसल अवशेष प्रबन्धन यन्त्रों के बगैर चलते हुयी मिली तो उसको तत्काल सीज करते हुये कम्बाइन मालिक के स्वयं के खर्च पर सुपर स्ट्रा-मैनेजमेन्ट सिस्टम लगवाकर ही छोड़ा जाये।

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मशीन से धान कटाई करने के बाद यदि कही पर पराली जलाने की घटना होगी तो किसान के साथ ही मशीन के स्वामियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वह किसानों से पराली नहीं जलाए जाने के लिए घोषणा पत्र ले। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि जिस भी लेखपाल के क्षेत्र मे फसल जलाने की घटना होगी उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसकी रोकथाम के लिए निरतंर निगरानी करते रहें। सभी ग्राम प्रधान, लेखपाल, ग्राम सचिव अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की जानकारी दें। सभी बीडीओ ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर जागरूक करते हुए आमजन को भी जागरूक करें।

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