पानीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। बड़ौली गांव में तैनात पशु चिकित्सक (VLDA) अशोक कुमार को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पशु लोन पास कराने की एवज में लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।
💼 क्या था पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई शिकायत में बताया कि आरोपी अशोक कुमार बड़ौली गांव में कार्यरत है। जब शिकायतकर्ता ने अपना पशु लोन पास कराने के लिए उससे संपर्क किया, तो आरोपी ने इसके बदले 7,500 रुपये की घूस मांगी। रिश्वत देने की इच्छा न रखने वाले शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी तुरंत एसीबी को दी।
🕵️ ACB की जाल बिछाने वाली रणनीति
शिकायत की पुष्टि के बाद, एसीबी की टीम ने एक सोची-समझी योजना बनाई। टीम के निर्देशानुसार शिकायतकर्ता 5 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेकर आरोपी के पास पहुंचा। जैसे ही पशु चिकित्सक ने पैसे स्वीकार किए, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार के इस मामले में आरोपी के खिलाफ अब नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
संपादकीय टिप्पणी: सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए रिश्वत देना एक अपराध है, और इसे माँगना उससे भी बड़ा भ्रष्टाचार है। क्या आपको लगता है कि इस तरह की त्वरित गिरफ्तारियाँ भ्रष्ट अधिकारियों के बीच भय पैदा करने के लिए पर्याप्त हैं? अपने विचार नीचे साझा करें।


