अंकिता हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी (Offensive Post) करने के मामले में पुलिस ने आरएसएस नेता विपिन कर्णवाल के खिलाफ रायवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने समाज में वैमनस्यता एवं तनाव फैलाने के साथ ही महिला का अपमान करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने विपिन के घर पर दबिश भी दी। लेकिन पुलिस को आरोपी घर पर नहीं मिला।
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बुधवार को लोगों के करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद आखिर रायवाला पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। समाजसेवी विजयपाल रावत की तहरीर पर पुलिस ने धारा 153ए जाति, धर्म एवं क्षेत्रीयता के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच घृणा एवं वैमनस्यता फैलाने, 505 सामाजिक विद्वेष, 509 महिला का अपमान करने सहित धारा 66 में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ ऋषिकेश डीसी ढौंडियाल ने बताया कि विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्जकर आरोपी की पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है। पुलिस घर एवं दूसरे ठिकानों पर दबिश दे रही है।
Offensive Post – उधर, वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष भट्ट बताते हैं कि 153 ए गैर जमानतीय धारा है। इसमें तीन साल की सजा एवं जुर्माना हो सकता है। वह बताते है कि पुलिस ने जाति, धर्म, भाषा एवं क्षेत्रीयता के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच घृणा एवं वैमनस्यता फैलाना में केस दर्ज किया है। इसमें कम से कम तीन साल की सजा हो सकती है, जो गैर जमानतीय है।
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अंकिता भंडारी हत्याकांड पर अभद्र पोस्ट करने वाले आरएसएस नेता विपिन कर्णवाल ने राज्य महिला आयोग को अपना माफीनामा भेजा है। आयोग ने एक बार फिर से आरएसएस नेता की टिप्पणी की निंदा की और इसे संकीर्ण मानसिकता बताया। चेताया कि कोई भी महिलाओं को लेकर गलत टिप्पणी करेगा तो कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को आरएसएस नेता ने महिला आयोग को अपना माफीनाम भेज दिया है। अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि समाज में महिला और पुरुष दोनों को समान अधिकार हैं। महिलाओं पर गलत टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

