भारत 31 मई 2022 तक विदेशी बैंक खाते में जमा करने के मामले में 8,468 करोड़ रुपये अघोषित आय को कर के दायरे में लाया गया है और 1,294 करोड़ रुपये का दंड लगाया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में (Nirmala Sitharaman’s Statement) बताया, “31 मई 2022 तक कालाधन और कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत 368 मामलों का आकलन पूरा हो गया है और 14,820 करोड़ रुपये कर की मांग रखी गई है।सीतारमण ने कहा कि कालाधन और कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत 648 घोषणाएं की गई हैं जिसमें 4,164 करोड़ रुपये की विदेशी परिसंपत्ति शामिल थी। उन्होंने कहा कि यह योजना 30 सितंबर 2015 को बंद कर दी गई थी। ऐसे मामलों में कर और दंड के रूप में लगभग 2,476 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की गई थी।
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लोकसभा में दीपक बैज और सुरेश नारायण धानोरकर के प्रश्न के लिखित्त उत्तर में सीतारमण ने यह जानकारी दी। सदस्यों ने पूछा था कि क्या स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों और कंपनियों की ओर से जमा की गई राशि में वृद्धि दर्ज की गई है? वित्त मंत्री ने बताया, “भारतीय नागरिकों और कंपनियों की ओर से स्विस बैंकों में कितना धन जमा है, इसका कोई सरकारी अनुमान नहीं है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन में वर्ष 2020 की तुलना में 2021 में बढ़ोत्तरी हुई है।
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Nirmala Sitharaman’s Statement – सीतारमण ने कहा कि मीडिया रिपोर्टो में यह भी उल्लेख मिलता है कि इन जमा राशियों से यह संकेत नहीं मिलता है कि स्विटजरलैंड में कथित तौर पर भारतीयों की ओर से जमा किए गए कालाधन की मात्रा कितनी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया है कि इन आंकड़ों की किस प्रकार से व्याख्या की जाए, जिसके कारण गुमराह करने वाले शीर्षक व विश्लेषण सामने आए हैं। इसके अलावा बार बार यह मान लिया जाता है कि भारतीय नागरिकों द्वारा स्विटजरलैंड में जमा धन अघोषित ही है।
