क्या हम कोरोना से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं? शायद नहीं. जब हमें लगता है कि सब कुछ सामान्य हो गया है, तभी वायरस का एक नया रूप दुनिया की दहलीज पर दस्तक दे देता है. इस बार चर्चा में है ‘Cicada’. अब बात (cicada variant of corona) करेंगे सिकाडा की. आपको लग रहा होगा ‘सिकाडा’ किसी कीड़े का नाम होगा. असल में ये COVID-19 के उस नए वेरिएंट का निकनेम है, जो अमेरिका में जंगल की आग की तरह फैल रहा है.

वैज्ञानिक इसे तकनीकी भाषा में BA.3.2 कह रहे हैं. लेकिन क्या ये सिर्फ अमेरिका की समस्या है? बिल्कुल नहीं. खबर है कि भारत में भी INSACOG ने नए वेरिएंट XFG के 163 मामले दर्ज किए हैं. आज के इस विशेष शो में हम फैक्ट्स के साथ समझेंगे कि ये ‘Cicada’ वेरिएंट क्या है और आपको इससे कितना डरने या एहतियात रखने की जरूरत है. सबसे पहले जानते हैं कि ये वेरिएंट कहा से आया है? BA.3.2 असल में Omicron का ही एक वंशज (Descendant) है. ओमिक्रॉन वही वेरिएंट था जिसने 2021 के आखिर में पूरी दुनिया को हिला दिया था. लेकिन BA.3.2 पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले काफी अलग है.

cicada variant of corona – एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके Spike Protein में 70 से 75 आनुवंशिक बदलाव (Genetic Changes) देखे गए हैं. स्पाइक प्रोटीन वायरस का वो हिस्सा होता है जो हमारे शरीर की कोशिकाओं में घुसने में मदद करता है. अब चुनौती ये है कि हमारी वैक्सीन इसी स्पाइक प्रोटीन को पहचान कर हमला करना सीखती हैं, लेकिन जब प्रोटीन ही इतना बदल जाए, तो वैक्सीन इसे पहचानने में धोखा खा सकती है. इस वेरिएंट का सफर कहां से शुरू हुआ? शोधकर्ताओं ने सबसे पहले BA.3.2 को नवंबर 2024 में अफ्रीका में पहचाना था. साल 2025 में इसने अपनी वैश्विक यात्रा शुरू की और फरवरी 2026 तक यह दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका था.

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