उत्तराखंड के हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की गई है. इसी बीच गंगा सभा ने बुधवार को कहा कि यह रोक सिर्फ श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सरकारी विभागों, संस्थानों और जर्नलिस्ट पर भी लागू होनी चाहिए. हर की पौड़ी और (new controversy in Haridwar) आसपास के गंगा घाटों का प्रबंधन करने वाली संस्था गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने यहां जारी एक बयान में कहा कि इन स्थानों पर गैर-हिंदू प्रवेश निषेध सभी विभागों और संस्थानों पर समान रूप से लागू होना चाहिए.
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इसक अलावा उन्होंने ये भी कहा कि चाहे कोई सरकारी विभाग हो, संस्थान हो या मीडिया कर्मी, कुंभ क्षेत्र में इन स्थानों पर सभी गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित होना चाहिए. गौतम ने हरिद्वार के जिला सूचना अधिकारी समेत अन्य विभागों के अधिकारियों और संस्थाओं से अपील की कि उनके विभाग से संबंधित कोई भी गैर-हिंदू व्यक्ति हर की पौड़ी में प्रवेश न करें.
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new controversy in Haridwar – इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि संवैधानिक अधिकारों के तहत इस व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए. मंगलवार को हर की पौड़ी पर शेख का लिबास पहनकर दो युवकों को घूमते और वीडियो बनाते देखा गया. इस घटना का जिक्र करते हुए गौतम ने कहा कि कुछ लोग वेश बदलकर क्षेत्र में प्रवेश कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
