नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) फुल एक्शन मोड में है। पिछले 24 घंटों में 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के बाद CBI ने पुणे की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा को दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में लंबी पूछताछ के बाद दबोचा गया। इस मामले में अब तक कुल 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले जांच एजेंसी इस केस के मुख्य मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे समेत 8 किरदारों को जेल भेज चुकी है। इस महाघोटाले में महाराष्ट्र मॉड्यूल की सबसे बड़ी भूमिका सामने आ रही है।
💬 कोड वर्ड में पेपर की सौदेबाजी: लीक प्रश्नपत्र को ‘गेस पेपर’ बताकर 10 लाख में बेचा
CBI की जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क महाराष्ट्र के पांच जिलों—पुणे, अहिल्यानगर, नासिक, लातूर और बीड तक एक्टिव मोड में फैला था। इसके बाद बीड के रास्ते गुरुग्राम और राजस्थान तक पेपर की खेप पहुंचाई गई। सूत्रों के अनुसार, कोड वर्ड में NEET ‘गेस पेपर’ कहकर इसकी सौदेबाजी की जाती थी। मास्टरमाइंड PV कुलकर्णी कई वर्षों से NTA के राष्ट्रीय पैनल में था और पेपर सेट करता था। आरोपी धनंजय ने टेलीग्राम के जरिए पेपर नासिक के शुभम खैरनार को भेजा, जिसने इसे गुरुग्राम के यश यादव को फॉरवर्ड किया। बाद में यश ने राजस्थान के एक परिवार को यह पेपर 10 लाख रुपये में बेच दिया।
🌿 बायोलॉजी पेपर लीक में मनीषा की भूमिका: कोचिंग क्लास में छात्रों को रटवाए थे असली सवाल
CBI के मुताबिक, शनिवार को गिरफ्तार हुई मनीषा मंधारे पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर है और बायोलॉजी पेपर लीक में उसकी मुख्य भूमिका है। NTA ने उसे परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था, जिसके कारण बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उसकी पूरी पहुंच थी। मनीषा पुणे में अपने घर पर छात्रों के लिए खास कोचिंग क्लासेस चलाती थी। उसने अपनी क्लास के छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के संभावित सवाल नोटबुक में लिखवाए और किताबों में मार्क करवाए थे। NEET-UG परीक्षा के असली पेपर में ज्यादातर सवाल इसी लिस्ट से आए थे।
⚖️ कोर्ट से मिली 10 दिनों की रिमांड: राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के बाद CBI कस्टडी में आरोपी
जांच में पता चला है कि PV कुलकर्णी की कोचिंग क्लास से ही NEET का पहला लीक पेपर निकला था। NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुख्य मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी और उसकी सहयोगी मनीषा मंधारे को CBI ने शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अपराध की गंभीरता को देखते हुए माननीय कोर्ट ने दोनों मुख्य आरोपियों को 10 दिनों की सख्त CBI कस्टडी (रिमांड) में भेजने का आदेश जारी कर दिया है।
💅 ब्यूटी पार्लर की आड़ में नेटवर्क: मनीषा वाघमारे ने तैयार की थी दलालों की स्पेशल टीम
इस रैकेट का एक और दिलचस्प और चौंकाने वाला किरदार मनीषा वाघमारे है, जिसे PV कुलकर्णी ने अपना पार्टनर बनाया था। मनीषा वाघमारे पुणे में ब्यूटी पार्लर चलाती थी, लेकिन इस पार्लर की आड़ में वह वास्तव में NEET, JEE और CET जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक का नेटवर्क ऑपरेट कर रही थी। मनीषा ने इसके लिए कोचिंग इंस्टिट्यूट के संचालकों, कॉर्डिनेटरों और मेडिकल कंसल्टेंसी चलाने वालों की एक पूरी टीम तैयार की थी। इस टीम में धनंजय लोखंडे, शेषराव अम्बे और मोहक पराड़कर जैसे लोग शामिल थे, जो अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
📱 “रट्टा मार लेना, जो भूला वो चूका”: मास्टरमाइंड का मैसेज और जयपुर से छात्रा लापता
मास्टरमाइंड कुलकर्णी ने परीक्षा से पहले छात्रों को संदेश भेजा था कि “रट्टा मार लेना, मेरी बात भूलना मत, जो भूला वो चूका”। इस बीच, इस मामले में जयपुर से गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल की भतीजी पिछले दो दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता है। वह SMS मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर की MBBS छात्रा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां अब इस गायब कतार से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि डिजिटल साक्ष्यों और बैंक स्टेटमेंट्स की फॉरेंसिक जांच के बाद आने वाले दिनों में कई बड़े नामों का खुलासा और नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


