महासमुंद की अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी दिव्या रंगारी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने इतिहास रच दिया है। पांडिचेरी में आयोजित 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में छत्तीसगढ़ की टीम ने केरल को 55-51 के रोमांचक अंतर से हराकर स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर कब्जा जमा लिया। यह जीत (Chhattisgarh becomes national champion) छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
🌟 दिव्या रंगारी का ‘जादू’: बनीं टूर्नामेंट की MVP
पूरे टूर्नामेंट में दिव्या रंगारी का प्रदर्शन अद्वितीय रहा। सेमीफाइनल में कर्नाटक के खिलाफ 27 अंक और फाइनल में केरल के विरुद्ध सर्वाधिक 22 अंक बनाकर उन्होंने टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके इस शानदार खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट का ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP) चुना गया और ट्रॉफी के साथ 50 हजार रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया गया। दिव्या इससे पहले एशिया कप 2025 में भी भारतीय टीम के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
🏆 जीत का श्रेय टीम वर्क को
इस ऐतिहासिक जीत में पूरी टीम का योगदान सराहनीय रहा। कप्तान अंजली कोडापे के नेतृत्व में अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका, नंदनी माधो प्रधान, नताशा प्रजापति, दिव्या रंगारी, पारूल वर्मा, नित्या पांडे, कलश झा और सारा सिंह ने बेहतरीन तालमेल दिखाया। टीम को मुख्य कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक (Chhattisgarh becomes national champion) कोच लुमेन्द्र साहू और मैनेजर अनिता तिर्की का कुशल मार्गदर्शन मिला।

