मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : जिले की ग्राम पंचायत बाही की रहने वाली धनवातिया ने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ का फॉर्म भरा था। वे बताती हैं कि आवेदन करने के बाद भी आज तक उनके खाते में योजना की एक भी किस्त प्राप्त नहीं हुई है। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने (women got angry) उनके आवेदन के साथ क्या किया, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है। बार-बार प्रशासनिक चौखट पर शिकायत करने के बावजूद आज तक इस विषय पर कोई उचित सुनवाई नहीं हो सकी है।
women got angry – यह किसी एक महिला की व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि एमसीबी (MCB) जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की 75 से भी अधिक महिलाएं ऐसी हैं जो इस समस्या से जूझ रही हैं। इन सभी महिलाओं ने योजना की शुरुआत के समय ही पूरे उत्साह के साथ आवेदन फॉर्म भरकर सभी अनिवार्य और आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे। हालांकि, ढाई साल से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उनके बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की पहली किस्त तक नहीं पहुंच पाई है।
आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप
पीड़ित महिलाओं ने आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि कर्मियों ने उनसे आवेदन और दस्तावेज तो जमा करवा लिए, लेकिन उन्हें आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड ही नहीं किया। इस बड़ी प्रशासनिक चूक के कारण वे योजना के वित्तीय लाभ से पूरी तरह वंचित रह गईं। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शिकायत के बाद भी न तो निष्पक्ष जांच हुई, न लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई हुई और न ही उन्हें उनका हक मिला।


