Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने डाला वोट, बोले- “कमल खिलाने के लिए किया मतदान”
    • MP में आदिवासियों पर कांग्रेस का बड़ा दांव! उमंग सिंघार की अगुवाई में टास्क फोर्स गठित, आंदोलन का बना ब्लूप्रिंट
    • हज 2027: मध्य प्रदेश के 5998 आवेदकों का चयन, 4060 वेटिंग लिस्ट में; लॉटरी निकलते ही खिले हाजियों के चेहरे
    • श्योपुर: भूतिया भवन बना सहसराम का जनजाति छात्रावास! कागजों में 12 बच्चे दर्ज, मौके पर पसरा सन्नाटा और धूल
    • सावन में सागर में मंडराया भीषण जलसंकट! राजघाट बांध में बचा सिर्फ 10 दिन का पानी, खाली पड़े बांध से चिंता बढ़ी
    • सावन में सागर में मंडराया भीषण जलसंकट! राजघाट बांध में बचा सिर्फ 10 दिन का पानी, खाली पड़े बांध से चिंता बढ़ी
    • कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध
    • सागर की बेटी का कमाल! कभी मां को खेलते देख सीखा शतरंज, आज अंजलि चौरसिया बनीं नेशनल खिलाड़ी व सीनियर ऑर्बिटर
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Thursday, July 30
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » नाग पंचमी 2026 : 17 अगस्त को मनाया जाएगा पर्व, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व

    नाग पंचमी 2026 : 17 अगस्त को मनाया जाएगा पर्व, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व

    July 29, 2026 धार्मिक 2 Mins Read
    Nag Panchami 2026
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    धार्मिक एवं ज्योतिष: सनातन धर्म में सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की अनन्य भक्ति के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है। इस पवित्र महीने में शिव पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ-साथ कई (Nag Panchami 2026) प्रमुख व्रत और त्योहार भी श्रद्धापूर्वक मनाए जाते हैं।

     नाग पंचमी की पौराणिक कथा

    पौराणिक मान्यता के अनुसार, राजा परीक्षित की मृत्यु तक्षक नाग के डसने (सर्पदंश) से हुई थी। पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए उनके पुत्र राजा जन्मेजय ने संपूर्ण नाग जाति के विनाश के लिए एक महाविनाशकारी ‘सर्प यज्ञ’ (सर्प सत्र) का आयोजन किया। कहा जाता है कि इस यज्ञ की आहुतियों में खिंचे चले आकर विश्व भर के बड़े-बड़े सांप और नाग जलकर भस्म होने लगे, जिससे नाग वंश के अस्तित्व पर गहरा संकट मंडराने लगा।

     Nag Panchami 2026 – तभी महान आस्तिक मुनि ने अपनी कुशाग्र बुद्धि, ज्ञान और तपस्या के बल पर राजा जन्मेजय को समझा-बुझाकर इस सर्प यज्ञ को तत्काल प्रभाव से बंद करने के लिए राजी कर लिया। इस प्रकार आस्तिक मुनि के प्रयासों से नाग वंश का पूर्ण विनाश होने से बच गया। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, यह ऐतिहासिक घटना श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही घटी थी। इसी वजह से इस शुभ तिथि को नाग देवता की पूजा करने की परंपरा आरंभ हुई।

     जानिए कालसर्प और सर्प दोष से मुक्ति का रहस्य

    हिंदू धर्म और वैदिक संस्कृति में नागों को केवल एक विषैले जीव के रूप में नहीं, बल्कि ‘नाग देवता’ (दैवीय शक्ति) के रूप में भी पूजनीय माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ नाग देव की आराधना करने से कुंडली के कालसर्प दोष, नाग दोष और सर्प भय (सांप के काटने का डर) से मुक्ति मिल जाती है।

      नाग पंचमी 2026 कब है?  

    द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 अगस्त 2026 को शाम 4 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होगी और अगले दिन 17 अगस्त 2026 को शाम 5:00 बजे तक विद्यमान रहेगी।

    उदया तिथि के सर्वमान्य सिद्धांत के आधार पर नाग पंचमी का मुख्य पर्व 17 अगस्त 2026, सोमवार को ही पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

      • नाग पंचमी 2026 तिथि: 17 अगस्त 2026 (सोमवार)

      • पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त: सुबह 05:51 बजे से सुबह 08:29 बजे तक

         

     

     

     

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    मंगलवार को करें हनुमान जी के 5 शक्तिशाली मंत्रों का जप; दूर होंगे रोग, दोष और भय, मिलेगी सुख-समृद्धि

    आज आषाढ़ मास का रवि प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल पूजा विधि और महादेव की कृपा पाने के विशेष उपाय

    सोई हुई किस्मत जगा देगी पेंडुलम वाली घड़ी! जानें लगाने की सही दिशा और वास्तु नियम

    भगवान श्रीकृष्ण क्यों लगाते हैं मुकुट में मोर पंख? जानिए त्रेता युग से जुड़ी पौराणिक कथा

    मणिमहेश यात्रा के नियमों में बड़ा बदलाव, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी प्रवेश की अनुमति

    Fingernail Lunula Meaning: नाखूनों पर बने सफेद अर्धचंद्र से जानें अपना भविष्य और भाग्य

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.