Chhatarpur: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ एक वृद्ध महिला की हत्या के मामले (Blind Murder Case) में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतका का अपना दामाद ही निकला, जिसने महज चंद पैसों और जेवरातों की खातिर अपनी सास को मौत के घाट उतार दिया।
क्या है पूरा मामला? (Chhatarpur Murder Case Details)
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को धसान नदी के किनारे एक वृद्ध महिला का शव बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। शुरुआती दौर में यह मामला पूरी तरह से ‘अंधे कत्ल’ (Blind Murder) का लग रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर पुलिस ने हर एंगल से बारीकी से जांच शुरू की।
जांच के दौरान कड़ियां जुड़ती गईं और शक की सुई मृतका के दामाद मूलचंद कुशवाहा (निवासी सटई) पर जाकर अटकी। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि आरोपी दामाद अपनी सास को बहला-फुसलाकर धसान नदी के किनारे ले गया था। वहां पहले से रची गई खौफनाक साजिश के तहत उसने महिला के सिर पर भारी पत्थर पटक-पटक कर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
लालच बनी हत्या की खौफनाक वजह (Murder Motive)
इस जघन्य अपराध के पीछे की वजह सिर्फ और सिर्फ ‘लालच’ थी। आरोपी मूलचंद की नजर अपनी सास के जेवरातों और पैसों पर थी। इसी लालच में अंधे होकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
पुलिस ने कैसे सुलझाई मर्डर मिस्ट्री?
घटनास्थल पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) ने बारीकी से सुराग तलाशे। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में इन चीजों ने अहम भूमिका निभाई:
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तकनीकी साक्ष्य (Technical Evidence): पुलिस ने कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाला।
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मोबाइल लोकेशन (Mobile Tracking): आरोपी की घटना के वक्त मोबाइल लोकेशन धसान नदी के पास मिली।
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वैज्ञानिक जांच: फॉरेंसिक सबूतों ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता आधार तैयार किया।
जब पुलिस ने इन सबूतों के आधार पर दामाद मूलचंद से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आगे की पुलिस कार्रवाई
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी दामाद को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। इसके साथ ही इस बात की भी गहन जांच की जा रही है कि इस पूरी साजिश में आरोपी के साथ कोई और तो शामिल नहीं था।
इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है कि कैसे पैसों का लालच इंसानियत और खून के रिश्तों पर भारी पड़ रहा है।


