पिछले नौ वर्षों से संजोया गया सपना 27 मई 2026 की सुबह साकार हुआ, जब पर्वतारोही अंजना यादव ने 8848.86 मीटर ऊंची एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर तिरंगे के साथ अपने संकल्प को नई ऊंचाई दी। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर इतिहास रचने के बाद अब वे भोपाल लौट आई हैं। यह उपलब्धि न (Anjana Yadav created history) केवल उनके लिए बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है।
किसान परिवार से शिखर तक का सफर
अंजना यादव का जन्म रायसेन के एक छोटे से गांव में किसान परिवार में हुआ था। गांव के ही सरकारी स्कूल से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करते हुए उन्होंने एक सपना देखा था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने वर्षों तक अथक परिश्रम किया। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर कदम रखना यह साबित करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है।
तिरंगे के साथ नई ऊंचाइयों का संकल्प
अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा को साझा करते हुए अंजना यादव ने बताया कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उनका संकल्प अडिग था। एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था, जो अंततः पूरा हुआ। उनकी यह सफलता उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी (Anjana Yadav created history) मेहनत के दम पर सफलता का शिखर छूना चाहते हैं।


