रूस में इन दिनों संसदीय चुनाव चल रहे हैं, और इसी बीच यूक्रेनी सेना ने रात भर में रूस पर 1600 से अधिक ड्रोन दागकर हड़कंप मचा दिया है। इनमें से ज्यादातर ड्रोन हमले सीधे राजधानी मॉस्को को निशाना बनाकर किए गए हैं। यूक्रेन की तरफ से यह हमला ठीक ऐसे समय पर किया गया जब क्रेमलिन में संसदीय चुनाव का तीसरा और आखिरी दिन था। मॉस्को के मेयर ने ड्रोन के इस बड़े हमले को रूसी राजधानी पर “अब तक का सबसे बड़ा” हमला करार दिया है। उन्होंने पुष्टि की है कि इन हमलों की वजह से मॉस्को की एक तेल रिफाइनरी और एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग को भी भारी नुकसान हुआ है।

💥 2. दो लोगों की हुई दर्दनाक मौत और 20 घायल, मॉस्को के पास स्थानीय गवर्नर ने दी हमलों की पुष्टि

स्थानीय गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव के मुताबिक, इन खतरनाक हमलों को मॉस्को के आस-पास के इलाकों में अंजाम दिया गया। इस भीषण गोलाबारी और ड्रोन हमलों में फिलहाल दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 20 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जान गंवाने वाले दोनों लोगों में एक 74 वर्षीय बुजुर्ग पुरुष और एक 44 वर्षीय महिला शामिल हैं। हालांकि, इस भारी-भरकम हमले के बाद फिलहाल यूक्रेन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इसे युद्ध का एक बहुत बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

🎯 3. युद्धकालीन चुनाव के बीच यूक्रेन की रणनीति— रूसी जनता को जंग के नतीजों का अहसास कराना और पुतिन पर दबाव बनाना

रूस में हो रहे ये हालिया संसदीय चुनाव पूरी तरह से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनकी सरकार के नियंत्रण में रहे हैं, जहां उनकी नीतियों का विरोध करने वाला कोई विपक्ष नहीं बचा है। चूंकि यह चुनाव सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध के साए में हो रहे हैं, इसलिए इसे देश का पहला ‘युद्धकालीन चुनाव’ कहा जा रहा है। पिछले चार सालों में यूक्रेन मिलिट्री ड्रोन टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया का लीडर बन गया है और वह रूस के अंदरूनी हिस्सों तक मार करने के लिए लंबी दूरी के ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहा है। कीव का मुख्य मकसद इन हमलों के जरिए रूसी आम जनता को युद्ध के भयानक नतीजों का अहसास कराना और राष्ट्रपति पुतिन पर शांति समझौता करने के लिए दबाव बनाना है।

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