दुनिया की सबसे ताकतवर वायु सेना कहे जाने वाले अमेरिका के सैन्य विमानों और ड्रोन्स को मिल रहे लगातार झटकों ने वैश्विक रक्षा जगत में उसके हथियारों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. हाल ही में यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा एक लोकल मिसाइल से अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराए जाने के दावे ने इस बहस को और अधिक तेज कर दिया है.
📊 2. पेंटागन की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े: 45 से ज्यादा MQ-9 रीपर ड्रोन और कई आधुनिक फाइटर जेट्स को हुआ भारी नुकसान
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे लंबे संघर्ष के दौरान अमेरिकी एयर पावर को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. पेंटागन इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष में अमेरिका के अब तक 45 से ज्यादा MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हो चुके हैं. इसके अलावा F-15E स्ट्राइक ईगल, F-35A, A-10 विमान, KC-135 टैंकर और कई आधुनिक हेलीकॉप्टर व AWACS भी या तो दुश्मन के हमलों या ‘फ्रेंडली फायर’ और दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं.
🛡️ 3. महंगे अमेरिकी प्लेटफॉर्म्स के सामने खड़े हुए सस्ते हथियार: क्या बदलती युद्धनीति के आगे कमजोर हो रही है आधुनिक तकनीक?
हालांकि इनमें से कई नुकसान तकनीकी दुर्घटनाओं या अपनी ही सेना की गलती (फ्रेंडली फायर) का नतीजा हैं, लेकिन यह एक कड़वी सच्चाई है कि आधुनिक युद्धक्षेत्र तेजी से बदल रहा है. आज कम लागत वाले छोटे ड्रोन और अपेक्षाकृत सस्ते एयर-डिफेंस हथियार करोड़ों डॉलर के महंगे अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं, जिससे अमेरिकी एयर पावर की सर्वाइवेबिलिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.


