जोधपुर। भारत और जापान के बीच रणनीतिक और सैन्य संबंधों के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित द्विपक्षीय हवाई अभ्यास ‘वीर गार्डियन-2026’ (Veer Guardian-2026) के दौरान पहली बार जापानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सरजमीं से गर्जना करते हुए उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक अवसर को और भी यादगार बनाते हुए भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरीटा ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस में एक साथ उड़ान भरी।

Jodhpur Air Force Station News – लगभग 20-25 मिनट तक चली इस संयुक्त उड़ान का नेतृत्व एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने किया, जिन्होंने तेजस फाइटर जेट को सोलो (अकेले) उड़ाया। वहीं, जापानी वायुसेना प्रमुख जनरल मोरीटा ने भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी टेस्ट पायलट के साथ तेजस के ट्रेनर संस्करण में आसमान की बुलंदियों को छुआ। सुरक्षित लैंडिंग से पहले दोनों लड़ाकू विमानों ने हवा में एक शानदार ‘पील-ऑफ’ पैंतरा (Peel-off Maneuver) प्रदर्शित किया।

तेजस ‘मेक इन इंडिया’ का बेहतरीन प्रतीक

उड़ान के बाद रनवे पर आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जनरल ताकेहिरो मोरीटा ने भारतीय रक्षा उद्योग की सराहना की। उन्होंने कहा, तेजस में उड़ान भरना मेरे लिए एक अमूल्य और अविस्मरणीय अनुभव रहा है। यह विमान भारत की ‘मेक  इन इंडिया’ पहल का एक उत्कृष्ट और जीवंत उदाहरण है।” उन्होंने कहा कि यह संयुक्त उड़ान दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच पिछले कई वर्षों से स्थापित गहरे विश्वास, आपसी तालमेल और रणनीतिक दोस्ती को मजबूती प्रदान करती है।

 14 दिनों तक चलेगा ‘वीर गार्डियन-2026’ अभ्यास

उल्लेखनीय है कि 9 से 22 सितंबर तक संचालित होने वाले इस 14 दिवसीय उच्च-स्तरीय हवाई अभ्यास में भारतीय वायु सेना के स्वदेशी तेजस, Su-30MKI और राफेल फाइटर जेट्स के साथ-साथ जापान के घातक F-2A फाइटर जेट्स हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास केवल एक पारंपरिक सैन्य अभ्यास नहीं है, बल्कि दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच गहरे व्यावहारिक और कूटनीतिक सहयोग का एक मजबूत उदाहरण है।

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