इजराइल की सेना के पास हथियारों और सैनिकों की भारी कमी होने की खबरें सामने आई हैं। इजराइली मीडिया चैनल ‘Channel 12’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना अमेरिका की बोइंग कंपनी से 12 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर खरीदने की अपनी योजना को पूरा नहीं कर पाई है, जिसकी मुख्य वजह सेना के हथियार खरीद बजट में भारी कमी बताई जा रही है। इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विपक्षी नेता यायर लैपिड से सेना का खरीद बजट बढ़ाने में सहयोग की अपील की थी, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके अलावा अखबार ‘मारिव’ ने भी दावा किया है कि लगभग तीन साल से चल रहे युद्ध के दौरान सैकड़ों टैंक और बख्तरबंद वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे सेना के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
🔍 2. क्या सच में खत्म हो रहे हैं हथियार? डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और यूरोप से सप्लाई तेज कराने की हो सकती है रणनीति
इस मामले पर रक्षा विश्लेषक (डिफेंस एनालिस्ट) हमजे अत्तार ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया है कि इन मीडिया रिपोर्ट्स का यह मतलब कतई नहीं है कि इजरायली सेना के हथियार पूरी तरह खत्म हो रहे हैं। उनके अनुसार, इजराइल अक्सर अपनी रक्षा जरूरतों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है ताकि अमेरिका और यूरोप से हथियारों की आपूर्ति को और तेजी से सुनिश्चित कराया जा सके। इजराइल पारंपरिक रूप से अन्य देशों की तुलना में बहुत बड़ा हथियार भंडार रखता है, इसलिए जो मात्रा किसी अन्य देश के लिए पर्याप्त हो सकती है, उसे इजराइल कम आंक सकता है। हालांकि, अमेरिका में राजनीतिक माहौल को देखते हुए इजराइल अपने रक्षा सौदों को जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है।
👥 3. सैनिकों की भारी कमी और हरेदी यहूदियों की भर्ती का बड़ा मुद्दा, पिछले तीन साल से लगातार कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा इजराइल
IISS की मिलिट्री बैलेंस रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल के पास 1.69 लाख सक्रिय सैन्यकर्मी और करीब 4.65 लाख रिजर्व सैनिक हैं। देश में 18 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है, लेकिन अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (हरेदी) यहूदियों की सेना में भर्ती को लेकर लंबे समय से बड़ा विवाद चल रहा है। सरकार द्वारा हजारों नोटिस भेजे जाने के बावजूद बहुत कम युवाओं ने इसमें रुचि दिखाई है। पिछले लगभग तीन साल से गाजा, लेबनान, ईरान, वेस्ट बैंक और सीरिया जैसे कई मोर्चों पर लगातार युद्ध लड़ रहे इजराइल के सामने अब भविष्य की रणनीतिक तैयारियों के लिए हथियारों और सैनिकों की जरूरत एक बड़ा विषय बन गई है।


