पलामू : बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा मेदिनीनगर क्षेत्र से भीख मांगते हुए रेस्क्यू किए गए दो बच्चों को लेकर मेडिकल बोर्ड की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि (fear of missing body parts) दोनों बच्चों के सभी अंदरूनी व बाहरी अंग पूरी तरह सुरक्षित हैं और कोई भी अंग गायब नहीं है।

 fear of missing body parts – पलामू सीडब्ल्यूसी की टीम ने दो दिन पूर्व मेदिनीनगर के कोयल नदी तटवर्ती क्षेत्र से भीख मांग रहे दो लाचार बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया था। प्रारंभिक जांच के दौरान दोनों बच्चों के पेट पर एक ही स्थान पर सर्जरी अथवा गहरे चीरे जैसे निशान पाए गए थे, जिसके बाद यह आशंका जताई गई थी कि कहीं किसी गिरोह द्वारा इनके अंग तो नहीं निकाल लिए गए।

सभी अंग सुरक्षित, दोबारा जांच की जरूरत नहीं

पलामू सीडब्ल्यूसी के चेयरपर्सन शैलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिसमें बच्चों के शरीर से किसी भी अंग के गायब न होने की औपचारिक पुष्टि की गई है। बच्चों के माता-पिता ने सत्यापन के दौरान अपना स्थायी निवास बिहार का गया जिला बताया है। प्रशासनिक समन्वय के तहत दोनों बच्चों को गया बाल कल्याण समिति के माध्यम से विधिवत उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।

 सरकारी योजनाओं और स्कूल में मिलेगा प्रवेश

बाल कल्याण समिति ने निर्णय लिया है कि बच्चों को भिक्षावृत्ति के दलदल से निकालकर समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। दोनों बच्चों का नियमित विद्यालय में दाखिला कराया जाएगा, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।

 

 

 

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