महासमुंद। जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक (clerk became fake lecturer) विद्यालय सिरपुर में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-02 लिपिक (क्लर्क) द्वारा खुद को व्याख्याता एलबी बताकर आठ महीने तक लगातार अतिरिक्त वेतन ऐंठने का गंभीर मामला सामने आया है। कोष एवं महालेखाकार रायपुर के अधिकारियों द्वारा जब वित्तीय अभिलेखों की जांच की गई, तब इस बड़े घोटाले का भंडाफोड़ हुआ। आरोपी लिपिक नारायण प्रसाद निर्मलकर को मामला उजागर होने पर पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका था।
clerk became fake lecturer – यह मामला जनवरी 2026 में प्रकाश में आया, जब रायपुर स्थित संचालनालय कोष एवं लेखा ने सिरपुर स्कूल से अचानक अत्यधिक वेतन आहरित होते देख सूक्ष्म जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि लिपिक नारायण प्रसाद ने सिस्टम में हेरफेरी कर खुद को व्याख्याता बना लिया था और व्याख्याता स्तर का वेतन आहरित कर रहा था। इसके अलावा एक अन्य कर्मचारी को भी उसके तय वेतन से अधिक राशि जारी की जा रही थी।
डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर बदला पदनाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी लिपिक नारायण प्रसाद निर्मलकर स्कूल के सभी कर्मचारियों का वेतन बिल तैयार करने का काम देखता था। वह प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर से डिजिटल सिग्नेचर (DSC) कराकर कोषालय से आसानी से वेतन आहरित करवा लेता था। डीईओ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच अपने मूल पदनाम के पे-लेवल-06 को बदलकर फर्जी तरीके से ‘व्याख्याता एलबी पे-लेवल-09’ दर्ज कर लिया और वेतन निर्धारण में भी बढ़ोतरी कर ली। इस कृत्य से उसने शासन को लगभग 13 लाख रुपये की प्रत्यक्ष वित्तीय क्षति पहुंचाई।
