लुधियाना: पंजाब के लुधियाना शहर से धोखाधड़ी और जालसाजी का एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अपनी मृत पत्नी को कागजों में जिंदा दिखाकर बैंक से लाखों रुपये का लोन हड़पने वाले एक शातिर आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है। आरोपी ने बैंक को झांसा देने के लिए सभी नियमों को ताक पर रख दिया, लेकिन ऑडिट और आंतरिक जांच के दौरान बैंक प्रबंधन ने इस पूरे फर्जीवाड़े को पकड़ लिया।
🏦 को-एप्लीकेंट बनाकर बैंक के साथ की बड़ी ठगी: बैंक अधिकारी इंद्रप्रीत सिंह ने पुलिस के सामने खोली पूरी पोल
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बैंक अधिकारी इंद्रप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि आरोपी विमलेष कुमार ने साल 2022 में बैंक से 12.81 लाख रुपये का भारी-भरकम लोन लिया था। इस लोन को पास कराने के लिए उसने अपनी पत्नी उर्मिला को को-एप्लीकेंट (सह-आवेदक) बनाया था। बैंक अधिकारी के मुताबिक, लोन प्रक्रिया के दौरान विमलेष ने बैंक को यह विश्वास दिलाया कि उसकी पत्नी जीवित है और उसकी सहमति से यह लोन लिया जा रहा है, जबकि असलियत यह थी कि उसकी पत्नी की लोन लेने से पहले ही मौत हो चुकी थी। विमलेष कुमार ने सिर्फ लोन की रकम हड़पने के इरादे से मृत पत्नी को जिंदा बताकर सीधे तौर पर बैंक के साथ एक बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
📄 मृत पत्नी उर्मिला के सभी दस्तावेज पाए गए जाली: भामिया खुर्द निवासी विमलेष कुमार के खिलाफ पुलिस ने शुरू की गहन जांच
जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी विमलेष ने लोन के आवेदन को पक्का करने के लिए अपनी मृत पत्नी उर्मिला के नाम से जुड़े सभी सरकारी व निजी दस्तावेज पूरी तरह से जाली (कूटरचित) तैयार कर बैंक के समक्ष पेश किए थे। इस गंभीर धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने बिना समय गंवाए इलाका पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत और दस्तावेजी सबूत सौंप दिए। थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने बैंक अधिकारी इंद्रप्रीत सिंह के आधिकारिक बयानों के आधार पर आरोपी विमलेष कुमार (निवासी भामिया खुर्द) के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है।


