जालसाजी के मामले में एक और दंपति को गिरफ्तार किया गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्चना कुटे को 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक के जालसाजी के मामले में गिरफ्तार किया है. इससे (couple trapped in a scam) पहले उनके पति को भी गिरफ्तार किया गया था. यह जांच ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड (Dnyanradha Multistate Co-operative Credit Society Ltd, DMCCSL) से कुटे ग्रुप की कंपनियों में फंड के कथित डायवर्जन से जुड़ी है.

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कुटे दंपति को ईडी की ओर से 2,467 करोड़ रुपये की मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. एजेंसी का दावा है कि इन कंपनियों का मालिकाना हक या कंट्रोल उनके और उनके पति सुरेश कुटे के पास है. क्रेडिट सोसाइटी पर हाई-रिटर्न डिपॉजिट स्कीम के जरिए हजारों निवेशकों को ठगने का आरोप है. अर्चना को 2 मार्च को ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के नियमों के तहत गिरफ्तार किया था. उन्हें 3 मार्च को मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें आगे की जांच के लिए 7 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया.

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couple trapped in a scam – इससे पहले, जांच एजेंसी ने इस केस में उनके पति सुरेश कुटे को गिरफ्तार किया और मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी फाइल की, जिसने इस गड़बड़ी की बात सामने आई. ईडी की मनी-लॉन्ड्रिंग जांच, मई और जुलाई 2024 के बीच महाराष्ट्र के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में इंडियन पीनल कोड (IPC) की ढेरों धाराओं के तहत दर्ज कई FIR पर आधारित है.

 

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