कुरुक्षेत्र : एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल में एक 15 साल की किशोरी के साथ हुई हैवानियत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया द्वारा अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ को लगाई गई फटकार के विरोध में नर्सें सांकेतिक हड़ताल पर हैं। हालांकि, इस हड़ताल ने अस्पताल की (LNJP Hospital Controversy) कार्यप्रणाली और स्टाफ की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल का कारण?
निरीक्षण के दौरान चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग स्टाफ को जमकर लताड़ लगाई थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब पीड़िता चेकअप के लिए पहुंची थी, तो उस समय कोई भी महिला स्टाफ वहां मौजूद क्यों नहीं था? इसी फटकार से नाराज होकर नर्सों ने 2 घंटे का ‘पेन डाउन’ (काम बंद) प्रदर्शन किया। उनका तर्क है कि चेयरपर्सन की टिप्पणियां अनुचित थीं।
क्या नौकरी बचाने की कोशिश है यह हड़ताल?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस समय अस्पताल के अंदर एक डॉक्टर ने 15 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, उस समय यह नर्सिंग स्टाफ कहां सो रहा था? उस गंभीर वारदात के समय किसी भी स्टाफ सदस्य ने आरोपी डॉक्टर का विरोध नहीं किया और न ही कोई आवाज उठाई। अब जबकि मामला खुल गया है और प्रशासनिक कार्रवाई (LNJP Hospital Controversy) का दबाव है, तो स्टाफ का एकजुट होना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।


