दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आज (सोमवार) को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजधानी में फायर सेफ्टी, अवैध निर्माणों की (former Agniveer will be recruited) रोकथाम, हीट वेव और मानसून की तैयारियों की समीक्षा करना था।
LG संधू ने दिल्ली फायर सर्विस को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मानव संसाधन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि सेना से प्रशिक्षित होकर लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को फायर विभाग में खाली पदों पर नियुक्त किया जाए। अग्निवीरों का आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का अनुभव दिल्ली की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक त्वरित व अनुशासित बना सकता है।
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बैठक में शहर में चल रहे गैर-कानूनी निर्माणों और फायर सेफ्टी लाइसेंस के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। LG ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत प्लॉटिंग और नियमों के उल्लंघन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही, आगजनी की घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए नए फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
former Agniveer will be recruited – आने वाले बारिश के मौसम को देखते हुए LG ने अधिकारियों को सचेत किया कि जलभराव और बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की होनी चाहिए। उन्होंने नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग (de-silting) कार्यों को पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े।


